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2000 किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-2 मिसाइल का सफल रात्रि परीक्षण

अग्नि-2 मिसाइल

अग्नि-2 मिसाइल


भारत ने 2,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली अग्नि-2 बैलिस्टिक मिसाइल का ओडिशा के बालासोर से सफल रात्रि-परीक्षण किया है। रक्षा सूत्रों ने कहा कि सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण समन्वित परीक्षण रेंज (आईटीआर) से किया गया। 
अग्नि-2 मिसाइल का परीक्षण पिछले साल ही कर लिया गया था लेकिन रात के समय इसका परीक्षण पहली बार हुआ है। इसकी मारक क्षमता को दो हजार से बढ़ाकर तीन हजार किमी तक किया जा सकता है। अग्नि-2 मिसाइल न्यूक्लियर हथियार ले जा सकने में सक्षम है।
भारत ने इससे पहले छह फरवरी को स्वदेश निर्मित अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था। भारतीय सेना के सामरिक बल कमांड ने बालासोर स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) के लॉन्च पैड-4 से 700 किलोमीटर दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइल का परीक्षण किया था।
बीस मीटर लंबी अग्नि 2 बैलिस्टिक मिसाइल का वजन 17 टन है और यह अपने साथ एक हजार किलो का आयुध 2000 किलोमीटर की दूरी तक ले जा सकती है। अग्नि-2 मिसाइल को पहले ही सेना में शामिल किया जा चुका है |

अग्नि-2 की विशेषताएं


  • 1. 20 मीटर लंबी अग्नि 2 बैलिस्टिक मिसाइल का वजन 17 टन है।
  • 2. अग्नि-2 एक हजार किलो का आयुध 2000 किमी की दूरी तक ले जा सकती है।
  • 3.  सटीक निशाने पर पहुंचने के लिए हाईएक्युरेसी नेविगेशन सिस्टम।
  • 4. मारक क्षमता को दो हजार से बढ़ाकर तीन हजार किमी तक किया जा सकता है।
अपनी सीमाओं की सुरक्षा मजबूत करने और सेना को ताकतवर बनाने की दिशा में देश ने एक और कदम आगे बढ़ा दिया है। शनिवार को पहली बार बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-2 का रात्रिकालीन परीक्षण सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। परमाणु हमला करने में सक्षम इस मिसाइल की जद में पाकिस्तान, चीन एवं दक्षिण एशिया के कई देश आ गए हैं।भारत अपने मिसाइलों का परीक्षण तटवर्ती ओडिशा के बंगाल की खाड़ी स्थित चांदीपुर के परीक्षण स्थल एक, दो, और तीन नंबर या फिर अब्दुल कलाम द्वीप से चार नंबर लांचिंग कंपलेक्स से करता आ रहा है। शनिवार को अब्दुल कलाम द्वीप के चार नंबर लांचिंग पैड से रात 7:32 बजे पर अग्नि 2 मिसाइल का परीक्षण किया गया, जो सफल रहा।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के मदद से सेना के सामरिक बल कमान ने परीक्षण को अंजाम दिया। इस मौके पर डीआरडीओ तथा अंतरिम परीक्षण परिषद (आइटीआर) से जुड़े वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अधिकारियों का दल मौजूद था। निकट भविष्य में भारत और कई मिसाइलों का परीक्षण कर सकता है।

यह है खासियत
देश में ही बनाई गई 21 मीटर लंबी, 1 मीटर चौड़ी, 17 टन वजन वाली यह मिसाइल 1000 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जाने की क्षमता रखती है। इसकी मारक क्षमता 2000 किलोमीटर तक है। यह ठोस ईंधन से संचालित बैलेस्टिक मिसाइल है।
अग्नि सीरीज का हिस्सा
सतह से सतह पर मार करने वाली मध्यम दूरी की इस मिसाइल का रात में भी परीक्षण होने अग्नि सीरीज की मिसाइलों में एक नई ताकत आ गई है। इस सीरीज अग्नि-1और अग्नि-3 शामिल हैं। अग्नि-2 को पहले ही सेना में शामिल किया जा चुका है।
क्या होती है बैलेस्टिक मिसाइल
तकनीकी दृष्टिकोण से बैलेस्टिक मिसाइल उस प्रक्षेपास्त्र को कहते हैं जिसका प्रक्षेपण पथ सब ऑर्बिटल बैलेस्टिक पथ होता है। इसका उपयोग किसी हथियार (नाभिकीय अस्त्र) को किसी पूर्व निर्धारित लक्ष्य पर दागने के लिए किया जाता है। यह मिसाइल प्रक्षेपण के प्रारंभिक स्तर पर ही गाइड की जाती है। इसके बाद का पथ आर्बिटल मैकेनिक के सिद्धांतों पर एवं बैलेस्टिक सिद्धांतों से निर्धारित होता है। अभी तक इसे रासायनिक रॉकेट इंजन द्वारा प्राणोदित किया जाता है।












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