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डेटा चोरी से इस तरह बचाएं अपना डेबिट और क्रेडिट कार्ड - Tips to protect debit card and credit card from data theft or Fraud

डेटा चोरी इस समय एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। उसमें भी अगर डेटा बैंकिंग से जुड़ा हो, तो इससे काफी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होते हैं।
Tips to protect debit card and credit card from data theft or Fraud
Tips to protect debit card and credit card from data theft or Fraud
 
Kvs24News - डेटा चोरी इस समय एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। उसमें भी अगर डेटा बैंकिंग से जुड़ा हो, तो इससे काफी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होते हैं। आईबीए ग्रुप के साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने इस साल की सबसे बड़ी साइबर चोरी का पता लगाया है, जो कि बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी है। पता लगा है कि करीब 13 लाख भारतीयों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड्स का डेटा ऑनलाइन जोकर्स स्टैश पर बेचा जा रहा है। यह डेटा ATM और POS मशीनों में स्किमिंग डिवाइस लगा कर चुराया गया है। इसमें ट्रैक-2 लेवल का डेटा भी है, जो कार्ड की चुम्बकीय परत में होता है। ट्रैक- 2 लेवल के डेटा में ग्राहक की प्रोफाइल व ट्रांजेक्शन से जुड़ी अहम जानकारियां होती हैं।
इस खुलासे से साफ पता चलता है कि इस डिजिटल होती दुनिया में डेटा को सुरक्षित रख पाना मुश्किल होता जा रहा है। आपके बैंक कार्ड के डेटा को चोरी करने के पीछे अपराधियों का एकमात्र उद्देश्य आपके बैंक अकाउंट को खाली करना होता है। इसलिए कार्ड धारक को सावचेत रहने की जरूरत है। साइबर एक्सपर्ट प्रिया सांखला के अनुसार, ग्राहक कुछ बातों का ध्यान रखकर अपने बैंक डेटा की सुरक्षा कर सकते है। आइए जानते हैं कि एक कार्डधारक को किन-किन बातों का खयाल रखना चाहिए-
बैंक कार्डधारक को कभी भी अपने क्रेडिट, डेबिट कार्ड की फोटो को कहीं पर पोस्ट नहीं करना चाहिए।
कार्डधारक को अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड से ट्रांजेक्शन केवल सुरक्षित और विश्वसनीय वेबसाइट (https:) पर ही करना चाहिए।
कार्डधारक को ऑनलाइन कार्ड की डिटेल डालते समय ऑटोफिल को डिसेबल रखना चाहिए और समय-समय पर वेब ब्राउज़र की कैशे मेमोरी डिलीट करते रहना चाहिए।
कार्डधारक को अपना कार्ड कभी भी वेबसाइट पर सेव करके नहीं रखना चाहिए।

डेटा चोरी से इस तरह बचाएं अपना डेबिट और क्रेडिट कार्ड

याद रखें कि पब्लिक और फ्री वाई-फाई इंटरनेट का प्रयोग करते समय अपने बैंक कार्ड की डिटेल नहीं डालें
कुछ बैंक अनसिक्योर कार्ड भी इश्यू करते हैं। इन कार्ड्स से स्वाइप मशीन पर बिना ओटीपी या पिन के भी ट्रांजेक्शन हो जाता है। कार्डधारक को ऐसे में बैंक से संपर्क करके अपना कार्ड बदलवा लेना चाहिए
ग्राहक को अपने ऑनलाइन वॉलेट का पासवर्ड और कार्ड का पिन नंबर समय-समय पर बदलते रहना चाहिए
ग्राहक को अपने बैंकिंग अकाउंट पर या ऑनलाइन शॉपिंग के समय ट्रांजेक्शन होने के बाद लॉग-आउट कर लेना चाहिए
ग्राहक को अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में हमेशा लेटेस्ट और पेड एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का उपयोग करना चाहिए
ग्राहक को फिशिंग ई-मेल और फर्जी फोन कॉल्स को लेकर सचेत रहना चाहिए। ध्यान रखें कि कोई भी बैंक, वेबसाइट या इंश्योरेंस कंपनी आपके क्रेडिट-डेबिट कार्ड की डिटेल या सीवीवी नहीं मांगती है
हमेशा स्मार्टफोन पर ऐप इंस्टॉल करते समय उसे जरूरत के हिसाब से ही एक्सेस दें। एसएमएस, कॉल और गैलरी का एक्सेस मांगने वाले ऐप्स का यूज ना करने की कोशिश करें। अगर इस तरह के ऐप का यूज करना जरूरी है, तो उन्हें 'allow once' के लिए एक्सेस दें और अकाउंट वेरिफाई होने के बाद एक्सेस रद्द कर दें | 
Data theft is becoming a major problem at this time. Even if it is related to data banking, a large number of people are affected by it. IBA Group's cyber security researchers have detected the biggest cyber theft of this year, which is related to banking sector. It has been learned that the data of about 1.3 million Indians' debit and credit cards are being sold online on the Joker Stash. This data has been stolen by installing skimming devices in ATM and POS machines. It also has track-2 level data, which is in the magnetic layer of the card. Track-2 level data contains important information related to the customer's profile and transaction.
This disclosure clearly shows that it is becoming increasingly difficult to secure data in this digitized world. The only motive for criminals to steal your bank card data is to empty your bank account. Therefore the card holder needs to be alert. According to the cyber expert Priya chain, customers can protect their bank data by taking care of a few things. Let us know what things a cardholder should take care of-
Bank card holders should never post their credit, debit card photos anywhere.
The cardholder should make transactions with his credit or debit card only on a secure and reliable website (https :).
The cardholder should keep the autofill disabled while entering the online card details and periodically delete the cache memory of the web browser.
The cardholder should never save and keep his card on the website.
Remember that do not enter your bank card details while using public and free Wi-Fi internet.
Some banks also issue unsecure cards. Transactions are done on these cards without an OTP or PIN on the swipe machine. The cardholder should contact the bank and get his card replaced
Customer should change their online wallet password and card PIN number from time to time
The customer should log-out on his banking account or after the transaction at the time of online shopping
Customer should always use latest and paid antivirus software in their computer or laptop
The customer should be alert about phishing emails and fake phone calls. Keep in mind that no bank, website or insurance company asks for the details of your credit-debit card or CVV.

While installing the app on the smartphone, always give it access as per need. Try not to use apps seeking access to SMS, Call and Gallery. If it is necessary to use such apps, then give them access to 'allow once' and cancel the access after the account is verified.

आसानी से आपके सीवीवी का पता लगा लेते हैं अपराधी

ग्राहक को कभी भी अपने बैंक के डेबिट या क्रेडिट कार्ड की फोटो को किसी वेबसाइट, मेल या कहीं पर भी अपलोड नहीं करनी चाहिए। साइबर अपराधी आपके क्रेडिट कार्ड नंबर, कार्ड की एक्सपायरी डेट और सीवीवी नंबर के जरिए आपका अकाउंट खाली कर सकते हैं। यहां तक की अगर साइबर अपराधी को आपके क्रेडिट कार्ड के फ्रंट लुक की फोटो भी मिल जाती है, तो वे आपके कार्ड का सीवीवी नंबर पता लगा सकते हैं। दरअसल, क्रेडिट कार्ड के सीवीवी नंबर का पहला डिजिट आपके कार्ड नंबर का ही पहला डिजिट होता है और दूसरे दो डिजिट उस कार्ड नंबर के ही कोई दो डिजिट होते हैं, जिन्हें अपराधी कुछ सॉफ्टवेयर्स की मदद से पता कर सकते हैं 
The customer should never upload a photo of his bank's debit or credit card on any website, mail or anywhere. Cyber ​​criminals can clear your account through your credit card number, expiry date of the card and CVV number. Even if the cyber criminal gets a photo of the front look of your credit card, they can find out the CVV number of your card. Actually, the first digit of the CVV number of the credit card is the first digit of your card number and the second two digits are any two digits of the card number itself, which the criminals can find out with the help of some software.

अनसिक्योर कार्ड को कहें ना

बैंक द्वारा कुछ अनसिक्योर डेबिट और क्रेडिट कार्ड भी जारी किये जाते हैं। इन कार्ड्स से स्वाइप मशीन पर बिना ओटीपी के भी ट्रांजेक्शन हो जाता है। हालांकि, इसमें अमाउंट की एक लिमिट होती है। ऐसे में मान लीजिए कि कभी आपका कार्ड चोरी हो जाता है, तो अपराधी बिना ओटीपी के ही आपके अकाउंट से ट्रांजेक्शन कर सकता है।नुकसान से बचने के लिए ग्राहक को ऐसे कार्ड्स को बदलवा लेना चाहिए |
Some unsecured debit and credit cards are also issued by the bank. Transactions are done on these cards without OTP on the swipe machine. However, there is a limit to the amount. In such a situation, suppose your card is stolen, then the criminal can make transactions from your account without OTP. The customer should get such cards exchanged to avoid losses.

Tips to protect debit card and credit card from data theft or Fraud


क्या करें अगर अकाउंट से निकल जाएं पैसे

अगर आपके बैंक अकाउंट से अज्ञात ट्रांजेक्शन में पैसा निकल जाए, तो आपको तुरंत बैंक से संपर्क करना चाहिए। साथ ही आपको उस वेबसाइट से भी संपर्क करना चाहिए जिसके पेमेंट गेटवे से पैसा गुजरा है। अगर आप पैसा निकल जाने के 5 से 6 घंटे के अंदर बैंक और वेबसाइट से संपर्क करते हैं, तो आप 80 से 100 फीसद तक अपना पैसा वापस पा सकते हैं।
 If money is left in unknown transactions from your bank account, then you should contact the bank immediately. Also you should contact the website whose payment gateway has gone through. If you contact the bank and website within 5 to 6 hours after the withdrawal, then you can get your money back from 80 to 100 percent. 


Posted By - Kvs24News - Vivek Tiwari

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