UPPSC | Uttar Pradesh Public Service Commission | UPPSC exam preparation , सीसैट परीक्षा में सफलता पाने की रणनीति

Uttar Pradesh Public Service Commission

2012 की प्रारंभिक परीक्षा में पहली बार सी-सैट को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा अपनी अवर अधीनस्थ परीक्षाओं में लागू किया गया था।

UPPSC exam preparation of UPPSC and UPSC IAS

UPPSC exam preparation of UPPSC and UPSC IAS 

2012 की प्रारंभिक परीक्षा में पहली बार सी-सैट को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा अपनी अवर अधीनस्थ परीक्षाओं में लागू किया गया था। उस समय सी-सैट क्वालिफाइंग नेचर का न होते हुए उसके पूरे अंक आपकी प्रारंभिक परीक्षा की मैरिट में जुड़ते थे, परंतु वर्ष 2016 से सी-सैट को क्वालिफाइंग प्रकृति का कर दिया गया है। अर्थात अब सी-सैट में सिर्फ पास होना अनिवार्य है और उसमें पाये गये अंक आपकी प्रारंभिक परीक्षा में कोई योगदान नहीं देंगे। फिर भी अभ्यर्थियों को सी-सैट को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए क्योंकि यदि आप सामान्य अध्ययन में कितने भी अंक पा लें, परंतु अगर सी-सैट में आप अनुत्तीर्ण होते हैं, तो आप प्रारंभिक परीक्षा में पास नहीं समझे जाएंगे। सी-सैट की तैयारी के लिए आप निम्नलिखित रणनीति का पालन करते हुए सी-सैट को आसानी से पास कर सकते हैं। यह रणनीति निम्नानुसार हो सकती हैं।
1. सामान्य हिंदी: 
2. सामान्य अंग्रेजी सामान्यतः
3. सामान्य गणित:
4. तर्कशक्ति (रीजनिंग):
5. अंतर-वैयक्तिक क्षमता संप्रेषण कौशल:
6. निर्णयन क्षमता एवं समस्या समाधान :



  • जिन अभ्यर्थियों की गणित कमजोर है, वे इस प्रश्न पत्र के अन्य खंड जैसे हिंदी, अंग्रेजी, तर्कशक्ति इत्यादि भागों की तैयारी कर इस प्रश्न पत्र में पास हो सकते हैं। क्योंकि यह प्रश्न पत्र मात्र क्वालिफाइंग प्रकृति का है। . 
  • अंतरवैयक्तिक क्षमता एवं संप्रेषण कौशल, निर्णयन क्षमता एवं समस्या समाधान के 2012 से लेकर 2018 तक के प्रारंभिक परीक्षा के आये हुए प्रश्नों को अभ्यर्थी जरूर हल कर लें। 
  • इस प्रश्न पत्र में भी ऋणात्मक अंकन प्रणाली का प्रयोग किया जाता है इसलिए उम्मीदवार न आ रहे प्रश्नों पर तुक्का मारने की प्रवृत्ति न अपनाएं।
यूपीएससी आईएएस एग्जाम  पैटर्न

पहला प्रश्न पत्र : 
दूसरा प्रश्न पत्र : 
तीसरा प्रश्न पत्र : 
साक्षात्कार (Interview) : 

यह सी-सैट परीक्षा का महत्वपूर्ण भाग है। चूंकि उत्तर प्रदेश एक हिंदी भाषी राज्य है अतः अक्सर उम्मीदवार इस विषय के साथ लापरवाही बरतते हैं और इसका खमियाजा यह होता है कि वह इस खंड में कम प्रश्न हल कर पाते हैं। इस खंड से सामान्यतः 18-22 प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें मुख्यतः संधि, समास, विलोम शब्द, पर्यायवाची शब्द, गद्यांश, भाषा में प्रयोग होने वाली अशुद्धियां, तद्भव एवं तत्सम, मुहावरे एवं लोकोक्तियां, अनेकार्थी शब्द, उत्तर प्रदेश की प्रमुख बोलियां इत्यादि से जुड़े हुए प्रश्न पूछे जाते हैं।

इस खंड से भी 18-20 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो सामान्य प्रकृति के होते हैं। प्रायः यह देखा गया है कि हिंदी माध्यम के छात्र इस खंड को बहुत अच्छे से तैयार नहीं करते, जबकि कम समय में भी इस खंड को आप अच्छे से तैयार कर अधिकाधिक प्रश्न हल कर सकते हैं। सामान्य अंग्रेजी में मूलतः इडियम, एक्टिव-पेसिव, डायरेक्ट एंड इन्डायरेक्ट, वर्ड मीनिंग, पार्ट ऑफ स्पीच, कॉम्प्रिहेंसन, इत्यादि से प्रश्न पछे जाते हैं। इस खंड की तैयारी के लिए 'लसेंट सामान्य अंग्रेजी' पुस्तक का अध्ययन किया जा सकता है।
इस खंड से मुख्यतः 15-20 प्रश्न आते हैं। अंकगणित, बीज गणित, त्रिकोणमितीय और सांख्यिकी से जुड़े हुए सामान्य प्रश्न पूछे जाते हैं।

इस खंड से औसतन 15-20 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो सामान्य प्रकृति के होते हैं। लगातार अभ्यास से आप इस खंड में अधिकाधिक प्रश्न हल कर सकते हैं। इस खंड की तैयारी के लिए आप कोई भी प्रचलित रीजिनिंग की पुस्तक ले सकते हैं।
इस खंड से औसतन 10-15 प्रश्न पूछे जाते है। हालांकि इस खंड की तैयारी के लिए किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि यह सारे कौशल आपके व्यक्तित्व में निहित होते हैं।

इस खंड से औसतन 5-8 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो कि बहुत ही सामान्य प्रकृति के होते हैं। इन प्रश्नों द्वारा आयोग आपके अंदर की प्रशासनिक क्षमताओं की परख करना चाहता है।


यूपीएससी प्रति वर्ष सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन कराता है जिसे हम आईएएस एग्जाम के नाम से भी जानते हैं। यूपीएससी विभिन्न सेवाओ के लिए लगभग दर्जन भर परीक्षाओ का आयोजन करता है, जैसे अभियांत्रिकी, चिकित्सा, वन सेवा इत्यादि। इस आलेख में हम यूपीएससी आईएएस परीक्षा पैटर्न के बारे में जानेंगे। इस परीक्षा में तीन चरण होते है -
पहला है प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam) दूसरा है मुख्य परीक्षा (Main Exam) , और 
तृतीय है साक्षात्कार अथवा व्यक्तित्व परिक्षण (Interview / Personality Test) . प्रत्येक अभ्यर्थी को इन चरणों से गुजरना होता है और तभी वह एक ऑफिसर बनता है। 

प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam) : यह परीक्षा जून माह में आयोजित होती है।
परीक्षा के इस चरण में हमें दो पेपर्स देने होते हैं, जिनमें पहला है सामान्य अध्ययन (General Studies) जो कि प्रथम प्रश्न पत्र के रूप में आता है और दूसरा पेपर है सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट (Civil Services Aptitude Test). जिसमें प्रत्येक  पेपर 200  अंको का होता है और सभी प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाईप (Objective Type) होते हैं जिन्हें हल करने के लिये आपको चार घंटों का समय मिलता है, यानि कि प्रत्येक प्रश्न पत्र के लिये दो घंटे का समय। इस परीक्षा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रारम्भिक परीक्षा का रिजल्ट (अंकों का योग) फाईनल परीक्षा में नही जोड़ा जाता और प्रारंभिक परीक्षा को पास किये बिना आप मुख्य परीक्षा भी नहीं दे सकते। आईएएस परीक्षा की फाईनल मेरिट में केवल मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार मे अर्जित किये अंकों को ही जोड़ा जाता है और उसी के अनुरूप आपकी रैंक निर्धारित की जाती है।

मुख्य परीक्षा (Mains Exam) : यह परीक्षा अक्टूबर माह में आयोजित होती है।
इस परीक्षा में कुल नौ पेपर्स हुआ करते हैं और तकरीबन 180 से 200 प्रश्न होते हैं जिनका कुल योग 1750 अंकों का होता है। प्रत्येक पेपर के लिये तीन घंटों का समय निर्धारित होता है।
इसमें आपको अठारह भारतीय भषाओं (Indian Languages) में से किसी एक भाषा का चयन करना होता है जिसके आधार पर यह पेपर होता है, और यह 300 अंको का होता है जिसमें 20 से 25 प्रश्न होते हैं। और ध्यान रहे कि इस पेप्र के अंक भी फाईनल रिजल्ट में नही जोड़े जाते हैं।
यह प्रश्न पत्र अंग्रेजी भाषा (English Language) का होता है और यह भी 300  अंकों का होता है तथा इस पेपर के अंक भी फाईनल रिजल्ट में सम्मिलित नही किये जाते हैं।

नोट:  पेपर - 1 और पेपर - 2 के अंकों को अंतिम परिणाम में नहीं जोड़ा जाता है।

यह निबंध (Essay Writing) का पेपर है जो कि दो खण्डों में होता है जिसमे प्रत्येक खण्ड से एक - एक विषय पर निबंध लिखना होता है और यह पेपर 250 अंकों का होता है। इस पेपर के अंक अंतिम परिणाम में जोड़े जाते हैं।
चौथा, पांचवां, छठवां तथा सातवां प्रश्न पत्र: ये सभी पेपर सामान्य अध्ययन के होते हैं और प्रत्येक प्रश पत्र 250 अंकों का होता है। ये सभी पेपर्स आपके सामाजिक, आर्थिक इत्यादि मुद्दों की समझ की परीक्षा के मकसद से लिये जाते हैं। जिसमें विभिन्न मुद्दों व परिस्थितियों में आपकी सूझबूझ व जानकारी की परख की जाती है।
आठवां व नौवां प्रश्न पत्र: ये दोनों पेपर्स वैकल्पिक विषय (Optional Papers) के होते हैं जिन्हें आप अपनी रुचि के अनुरूप चुन सकते हैं। हर एक प्रश्न पत्र 250 अंकों का होता है तथा इन  दोनों पेपर्स के अंक फाईनल रिजल्ट में जोड़े जाते हैं।
यह फरवरी से अप्रैल माह के बीच में आयोजित होते हैं।
यह इस सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है, आप मुख्य परीक्षा (लिखित) को पास करने के बाद आपको साक्षातकार के लिये बुलाया जाता है। साक्षातकार कुल 750 अंकों का होता है और इसमें अर्जित किये गये अंक आपकी मेरिट लिस्ट में जोड़े जाते हैं। साक्षातकार को हम अपनी मनपसन्द भाषा में दे सकते हैं जैसे हिंदी या अंग्रेजी इन्त्यादि। इंटरव्यू सामन्यत: फरवरी से अप्रैल माह की भीतर आयोजित होते हैं।

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