ट्रंप ने कहा कि भारत कई वर्षों से अमेरिकी व्यापार नियमों का फायदा उठा रहा है, और ऐसे में अगर नई दिल्ली हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात को रोकता है, तो उन्हें हैरानी होगी , उन्होंने कहा, 'अगर ये उनका निर्णय है, तो मुझे हैरानी होगी ट्रंप ने दी नतीजे भुगतने की धमकी

ट्रंप ने कहा कि भारत कई वर्षों से अमेरिकी व्यापार नियमों का फायदा उठा रहा है, और ऐसे में अगर नई दिल्ली हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात को रोकता है, तो उन्हें हैरानी होगी , उन्होंने कहा, 'अगर ये उनका निर्णय है, तो मुझे हैरानी होगी ट्रंप ने दी नतीजे भुगतने की धमकी

ट्रंप ने कहा कि भारत कई वर्षों से अमेरिकी व्यापार नियमों का फायदा उठा रहा है, और ऐसे में अगर नई दिल्ली हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात को रोकता है, तो उन्हें हैरानी होगी , उन्होंने कहा, 'अगर ये उनका निर्णय है, तो मुझे हैरानी होगी ट्रंप ने दी नतीजे भुगतने की धमकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा की आपूर्ति पर मदद की उम्मीद जताई है। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी से रविवार सुबह इस मुद्दे पर बात की थी। अगर वे दवा की आपूर्ति की अनुमति देंगे तो हम उनके इस कदम की सराहना करेंगे। अगर वे सहयोग नहीं भी करते हैं तो कोई बात नहीं, लेकिन वे हमसे भी इसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद रखें।
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ट्रंप ने कहा कि भारत कई वर्षों से अमेरिकी व्यापार नियमों का फायदा उठा रहा है, और ऐसे में अगर नई दिल्ली हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात को रोकता है, तो उन्हें हैरानी होगी।

ट्रंप ने कहा कि भारत कई वर्षों से अमेरिकी व्यापार नियमों का फायदा उठा रहा है, और ऐसे में अगर नई दिल्ली हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात को रोकता है, तो उन्हें हैरानी होगी। उन्होंने कहा, 'अगर ये उनका निर्णय है, तो मुझे हैरानी होगी। उन्हें इस बारे में मुझे बताना होगा। मैंने रविवार सुबह उनसे बात की, उन्हें फोन किया, और मैंने कहा कि हम इस बात की सराहना करेंगे, यदि आप आपूर्ति होने देंगे। अगर वे इसकी इजाजत नहीं देंगे, तो कोई बात नहीं, लेकिन जाहिर तौर पर इसकी प्रतिक्रिया हो सकती है। क्यों नहीं होनी चाहिए?'

अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा था कि भारत दवा क्षेत्र में अमेरिका का प्रमुख सहयोगी रहा है और अमेरिका को उम्मीद है कि दोनों देशों में यह तालमेल जारी रहेगा।

भारत ने पिछले महीने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था, जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के लिए ट्रंप इस दवा की जोरदार वकालत कर रहे हैं। भारत को श्रीलंका और नेपाल जैसे अपने पड़ोसी देशों सहित कई अन्य देशों से भी इस तरह के अनुरोध मिले हैं। भारत ने कहा है कि वह अपने निर्यात प्रतिबंध आदेश की समीक्षा कर रहा है।

बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के तीन लाख से अधिक पुष्ट मामलों और 10,000 से अधिक मौत होने के साथ अमेरिका भी इससे बुरी तरह से प्रभावित देश के तौर पर उभरा है। इस वायरस का अब तक कोई इलाज नहीं मिल पाया है। 

अब अमेरिका और दुनिया के वैज्ञानिक दिन रात एक करके इस वायरस के खिलाफ कोई टीका या सटीक इलाज ढूंढने में लगे हुए हैं ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। इस महामारी के कारण दुनिया में अब तक 64,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 11 लाख 53 हजार 142 संक्रमित हैं।

कुछ शुरुआती परिणामों के आधार पर ट्रंप प्रशासन कोरोना वायरस के इलाज के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का उपयोग करने पर जोर दे रहा है। यह दवाई दशकों से मलेरिया में उपचार के काम आती है। पिछले शनिवार को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन से तुरंत मंजूरी के बाद, कुछ अन्य दवा के संयोजन के साथ मलेरिया की दवा का उपयोग करके न्यूयॉर्क में लगभग 1,500 कोरोना रोगियों का उपचार किया जा रहा है।

ट्रंप के अनुसार दवा के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि यदि यह सफल हो जाता है, तो यह स्वर्ग से मिले किसी तोहफे के समान होगा। अगले कई हफ्तों में, अमेरिका के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस के कारण एक लाख से दो लाख मौतों का अनुमान लगाया है।

कोरोना वायरस के उपचार में एक सफल दवा होने की आस में, अमेरिका पहले ही लगभग 29 मिलियन खुराक का स्टॉक कर चुका है। इसी संदर्भ में ट्रंप ने मोदी से अनुरोध किया है कि वह अमेरिका के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की लाखों खुराक रिलीज कर दें। भारत बड़े पैमाने पर इस दवा का उत्पादन करता है।
अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को पूरी उम्‍मीद है कि भारत हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के निर्यात की अनुमति दे देगा। डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अगर भारत हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के ऑर्डर की आपूर्ति करने को मंजूरी नहीं देता है, तो हमें बड़ी हैरानी होगी। अगर वह मंजूरी देते हैं, तो हम इसकी सराहना करेंगे, अगर ऐसा नहीं होता है तब भी कोई बात नहीं। भारत हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा मलेरिया में उपयोगी होती है, जिसका भारत प्रमुख निर्यातक रहा है। कोरोना वायरस की अभी तक कोई दवा ईजाद नहीं हुई है, लेकिन हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन ऐसे मरीजों को दी जा रही है।
अमेरिका में इस समय कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है। ऐसे में अमेरिका को भारत से काफी उम्‍मीदें हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया, 'हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के संबंध में मैंने रविवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। मैंने कहा कि अगर आप हमारी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के सप्लाई को अनुमति दे रहे हैं, तो हम इसकी सराहना करेंगे। अगर वह इसकी अनुमति नहीं देते हैं तो भी कोई बात नहीं। लेकिन वे हमसे भी इसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद रखें।' बता दें कि विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने 25 मार्च को इस दवा के निर्यात पर रोक लगा दी थी।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'मैंने सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। भारत इस पर गंभीरता से काम कर रहा है। संभवत: मैं भी इसे लूं। हालांकि, इसके लिए मुझे पहले डॉक्टर्स से बात करनी होगी।' उन्होंने आगे कहा कि मैं सराहना करूंगा कि अगर भारत हमारे द्वारा ऑर्डर की गईं टैबलेट्स की खेप को जारी करेगा। उन्होंने कहा, 'भारत ने काफी संख्या में यह टैबलेट्स बनाई हैं।'

भारत ने अभी तक अमेरिका को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा देने के लिए हामी नहीं भरी है, लेकिन मना भी नहीं किया है। डोनाल्ड ट्रंप के आग्रह पर भारत ने कहा है कि एक जिम्मेदार देश होने के नाते हमसे जितना हो सकेगा, हम मदद करेंगे। भारत ने अमेरिका को स्पष्ट तौर पर बताया कि हम अपने देशवासियों को महामारी से सुरक्षित करने के बाद ही कोरोना वायरस के मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के रोगनिरोधी दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की आपूर्ति करेंगे। गौरतलब है कि कोरोना वायरस से पिछले 24 घंटों में अमेरिका में 1150 लोगों की मौत हुई है।

इससे एक दिन पहले भी अमेरिका में 1200 लोगों की जान चली गई थी। अमेरिका में कोरोना से मरने वालों की संख्या 10 हजार के ऊपर पहुंच गई है। वहीं, संक्रमितों की संख्‍या 3 लाख के पार पहुंच गई है। डोनाल्‍ड ट्रंप ने हाल ही में आशंका जाहिर की थी कि अमेरिका में कोरोना वायरस की वजह से 2 लाख लोगों की जान जा सकती है।

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