आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे के फैसले के बाद कश्मीर में महिला सुरक्षाकर्मी तैनात की गई

Women security personnel deployed in Kashmir Image Source : MANISH PRASAD

श्रीनगर: घाटी में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास भारतीय सेना के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि महिलाओं को कैसे चेक किया जाए और उन्हीं की आड़ में पाकिस्तान हथियारों और ड्रग्स की सप्लाई एक जगह से दूसरी जगह करने की लगातार कोशिश में जुटे हुए थे। इसी को देखते हुए लाइन ऑफ कंट्रोल के हालात का जायजा लेने के बाद आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने ये तय किया कि यहां पर भी महिला ऑफिसर और महिला कॉन्स्टेबल को लगाया जाए ताकि वो महिलाओं की चेकिंग भी कर सके और पाकिस्तान की नार्को टेररिज्म और हथियार वाली ये प्लानिंग को फेल किया जा सके।

आर्मी चीफ ने इस बात को भी साफ तौर पर कहा कि अगर यहां पर महिला कॉन्स्टेबल और महिला ऑफिसर होती है तो इसका सीधा फायदा आवाम को भी मिलेगा। यानी उनको वो भविष्य के साथ-साथ जो रोजमर्रा की परेशानियां हैं उसमें भी मदद कर पाएंगी। इसीलिए असम राइफल्स के DG से बात की गई। 

लेफ्टिनेंट जनरल सांगवान DG असम राइफल ने ये तय किया कि भारतीय सेना को एक असम राइफल की महिला कांस्टेबल की कंपनी दी जाए। साधना पास  जो की तंगधार का एक प्वाइंट है। लाइन ऑफ़ कंट्रोल के पास होने की वजह से साधना पास में पाकिस्तानी आतंकी घुसपैठ की कोशिश और युद्ध विराम का उल्लंघन लगातार करते हैं इसीलिए यहां पर हथियारों का पाकिस्तानी आतंकी द्वारा सप्लाई करना या फिर उनके ओवर ग्राउंड वर्कर की मदद से हथियारों और ड्रग्स को घाटी तक पहुंचाने का कार्य न हो इसके लिए एहतियातन तौर पर 9 की संख्या में असम राइफल की कांस्टेबल को तैनात किया गया है। 

भारतीय सेना की सप्लाई कोर में कैप्टन गुरसिमरन प्लाटून कमांडर है। कैप्टन गुरसिमरन ख़ुद फ़ौजी परिवार से आती है और वो थर्ड जेनरेशन ऑफिसर हैं। हाल ही के दिनों में नौ और दस की संख्या में असम राइफल की इन महिला कॉन्स्टेबल को अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया है। ये एक गेम चेंजर के तौर पर भी है।

साधना पास का इलाका जो की करीबन 10 हजार फीट से ऊंचा है इससे बेहद करीब लाइन ऑफ कंट्रोल है और पाकिस्तान का केल, जूरा, Athmuqam, लीपा वैली और नीलम का इलाक़ा पड़ता है। ये इलाके पाकिस्तान के लॉन्चिंग पैड है और यहां से सटे हुए इलाकों से घुसपैठ की कोशिश हथियार भेजने की कोशिश और ड्रग्स बेचने की कोशिश पाकिस्तान लगातार करता आया है।

तंगधार के आसपास इलाके में कुल मिलाकर 40 गांव और है ये महिला कॉन्स्टेबल महिलाओं की चेकिंग के साथ-साथ गाड़ियों की भी चैकिंग करती है और साथ में संदिग्ध गतिविधि से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। इन इलाकों में तेज हवाएं और तापमान माइनस 20-25 तक चला जाता है। उसके बावजूद पूरी नीडरता के साथ असम राइफल की ये महिला कॉन्स्टेबल पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाने के लिए बिलकुल तैयार है। असाम राइफल भारतीय सेना के अंदर ऑपरेशनल कमांड के तहत है।



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