लखनऊ में गैंगवार: मुख्तार के करीबी अजीत सिंह को मारी 25 गोलियां, 21 हुईं आरपार: Uttar Pradesh Latest News Today

लखनऊ में विभूतिखंड थानाक्षेत्र के कठौता चौराहे पर बुधवार शाम को हुए गैंगवार में मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गुरुवार दोपहर में हुए पोस्टमार्टम में 25 गोली लगने की पुष्टि हुई। जिसमें 21 गोलियां आरपार हो गई और 4 गोलियां शरीर के अंदर से मिली। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिवारीजनों को सुपुर्द कर दिया है। शव लेकर सभी मुहम्मदाबाद गोहना निकल गये। वहीं शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।


पुलिस के मुताबिक बुधवार शाम को मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह अपने खास मोहर सिंह के साथ उदय टावर गये थे। रात करीब 8.30 बजे कुछ सामान खरीदकर वापस अपनी एसयूवी की तरफ जा रहे थे। इसी बीच बाइक सवार चार बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी। ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। वारदात में अजीत की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनका साथी मोहर सिंह और एक फूड डिलीवरी बॉय घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक दोनों का इलाज चल रहा है।

प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ। डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम के दौरान दो बार एक्सरे कराया। वहीं पूरे पोस्टमार्टम केदौरान वीडियो व फोटोग्राफी कराई गई। पुलिस के मुताबिक अजीत के शरीर में सिर से लेकर पैर तक कुल 25 गोलियां लगी थी। सिर पर दाहिने कनपटी से लगी गोली आरपार हो गई। वहीं शरीर के कई हिस्सों में लगी गोलियां आरपार हो गई। 

पुलिस के मुताबिक कंधे के पास, जांघ से एक-एक गोलियां मिली। वहीं पेट से दो गोलियां निकाली गई। जबकि 21 गोलियां आरपार हो गई थी। सिर में गोली लगने और अधिक रक्तस्राव से मौत की पुष्टि हुई। देर शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवारीजनों को सुपुर्द कर दिया गया । परिवारीजन व परिचित शव लेकर मुहम्मदाबाद गोहना लेकर गये। जहां शुक्रवार को घर से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। जो गाजीपुर के गंगाघाट तक जाएगी। वहीं अंतिम संस्कार किया जाएगा। 

अजीत सिंह के हत्यारों की बाइक बरामद, कुंटू समेत छह पर केस
लखनऊ में कठौता चौराहे पर बुधवार का हुए गैंगवार में मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या करके भागे शूटरों की दोनों बाइक गुरुवार सुबह अवध बस अड्डे पर लावारिस खड़ी मिलीं। दोनों में चाबी लगी थी और एक पर खून के निशान थे। आशंका है कि पुलिस चौकी के सामने हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी में एक शूटर भी घायल हुआ।

वहीं, वारदात के वक्त अजीत के साथ मौजूद मोहर सिंह ने विधायक सीपू सिंह हत्याकांड के आरोपी ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह, अखंड प्रताप सिंह, कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डॉक्टर तथा तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास व षड्यंत्र का केस दर्ज कराया है।

फॉरेंसिक टीम ने बस अड्डे पर मिली बाइक से खून के नमूने एकत्र किए हैं। दोनों बाइक पर फर्जी नंबर प्लेटें लगी थीं। इंजन व चेसिस नंबर से पता चला है कि एक बाइक लखनऊ व दूसरी आजमगढ़ की है। बस अड्डे, वारदात स्थल के अलावा कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में चार शूटरों की फोटो पुलिस के हाथ लगी है।

अजीत को गवाही से रोक रहा था कुंटू
पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने बताया कि लोहिया अस्पताल में भर्ती मोहर सिंह ने विधायक हत्याकांड में अजीत की गवाही को लेकर कुंटू से चल रही रंजिश में हत्या की बात कही है। कुंटू गवाही नहीं देने के लिए अजीत को दो साल से धमका रहा था।  उसी के इशारे पर कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डॉक्टर ने अजीत की हत्या की। विधायक हत्याकांड की सुनवाई अंतिम चरण में है और अगले सप्ताह अजीत की गवाही होनी थी। इसीलिए कुंटू ने अजीत की हत्या करा दी। मोहर का यह भी बताया कि कुंटू व अखंड प्रताप आजमगढ़ जेल में बंद हैं। उन्होंने अपने शूटर गिरधारी उर्फ डॉक्टर तथा तीन अन्य बदमाशों की मदद से वारदात को अंजाम दिया है।

वारदात के बाद अवध बस अड्डे पहुंचे और पैदल ही भाग निकले
पुलिस ने बताया कि बुधवार रात करीब सवा आठ बजे वारदात के बाद बदमाश दो बाइक से भागे और सीधे अवध बस अड्डा पहुंचे। वहां दोनों बाइक खड़ी करके बदमाश पैदल कहीं चले गए। बदमाशों की तलाश में सभी बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, पार्किंग स्थल व भीड़ भरी जगहों की चेकिंग की जा रही थी तभी गुरुवार सुबह अवध बस अड्डे पर उनकी बाइक मिल गईं।

कुंटू व अखंड से होगी पूछताछ
पुलिस आयुक्त ने बताया कि विभूतिखंड थाना के अलावा क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और डीसीपी पूर्वी की पांच टीमें वारदात के खुलासे के लिए लगाई गई हैं। एसटीएफ अलग से छानबीन कर रही है। पुलिस की दो टीमें आजमगढ़ व मऊ भेजी गई हैं। ये टीमें कुंटू व अखंड प्रताप से भी पूछताछ करेंगी।

कभी एक साथ गोली चलाते थे, कल एक-दूसरे पर दागे फायर        
अजीत सिंह हत्याकांड का आरोपी शूटर कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डाक्टर कभी एक साथ वारदातें करते थे। हत्या में नामजद ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह और अखंड प्रताप सिंह उर्फ कुनकुन सिंह से भी अजीत का खासा याराना था। अजीत शातिर अपराधी था। उसने डॉक्टर के साथ कई वारदातें कीं। अजीत बाइक चलाता था और डॉक्टर गोली। विधायक सीपू सिंह हत्याकांड के बाद से दोनों में मनमुटाव शुरू हुआ। दो साल से आरोपियों और अजीत सिंह के बीच तनातनी काफी बढ़ गई थी। अजीत और डॉक्टर से जुड़े लोगों ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि एक साथ गोली चलाने वाले कभी एक-दूसरे पर भी फायरिंग कर सकते हैं। 
                       
डॉक्टर पर सवा साल पहले हुआ था एक लाख रुपये का इनाम                      
कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डॉक्टर पूर्वांचल का बड़ा शूटर है। मूलरूप से वाराणसी को चोलापुर स्थित लखनपुर गांव निवासी डाक्टर पर वाराणसी जोन स्तर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। वह कई साल से फरार चल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डाक्टर पर सितंबर 2019 को वाराणसी में हत्या के एक मामले में इनाम घपोषित किया गया है।      
        
ऐसे दिया वारदात को अंजाम...
लोहिया अस्पताल में भर्ती मोहर सिंह ने पुलिस को बताया है कि रात करीब आठ बजे वह अजीत के साथ एसयूवी से कठौता चौराहा पहुंचा था। वहां कार सड़क किनारे खड़ी करके दोनों खाने-पीने के लिए पास की दुकान से कुछ सामान खरीदने गए थे। खरीदारी करके दोनों कार की तरफ बढ़े तभी डॉक्टर और उसके तीन साथी वहां आ गए। चारों ने असलहे निकाल लिए और बिना मौका दिए ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। फायरिंग होते ही वह कार की तरफ भागा। अजीत को कई गोलियां लगी और वह मौके पर ही मर गया जबकि उसकी बायीं जांघ पर गोली लगी है।

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