यूपीः कुंटू के दो कॉलेज निशाने पर | Latest News Uttar Pradesh

प्रदेश के टॉप टेन अपराधियों में शामिल ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह के खिलाफ शासन का शिंकजा कसता जा रहा है।


गत वर्ष जब्त उसकी छह करोड़ की संपत्तियों में शामिल आजमगढ़ के दो विद्यालयों जीयनपुर के खर्रारस्तीपुर स्थित गिरजा शंकर स्मृति महाविद्यालय और रुद्र प्रताप पालीटेक्निक कालेज को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला पंचायत ने दोनों संस्थाओं पर नोटिस चस्पा कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। नोटिस में पूछा गया है कि दोनों कालेजों का नक्शा जिला पंचायत से पास है या नहीं। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कुख्यात अपराधी ध्रुव कुमार सिंह कुंटू के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट में गत वर्ष ही कार्रवाई शुरू हो गई थी। तत्कालीन डीएम एनपी सिंह ने मार्च में कुंटू की साढ़े छह करोड़ की चार संपत्तियों को गैंगेस्टर के तहत जब्त कर लिया था। तहसीलदार सगड़ी को जब्त संपत्तियों का कंट्रोलर बनाया था।
इसमें एक जीयनपुर में 117 वर्ग मीटर में बने तीन मंजिला मकान को जिला प्रशासन ने पिछले दिनों ध्वस्त करा दिया था। अब प्रशासन ने कुंटू के दोनों कालेजों जीयनपुर के खर्रा रस्तीपुर में गिरजाशंकर स्मृति महाविद्यालय और रुद्र प्रताप पालीटेक्निक कालेज को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। वर्ष 2004 में कुंटू पुत्र रुद्र प्रताप सिंह स्वयं इसका प्रबंधक था।
वर्ष 2008 में सुनील सिंह पुत्र तीरथ सिंह को इसका प्रबंधक बना दिया था। दोनों संपत्तियों की कीमत 5.68 करोड़ आंकी गई थी। जिला पंचायत की ओर से दोनों ही शिक्षण संस्थाओं पर नोटिस चस्पा किया गया है। इसमें पूछा गया है कि दोनों संस्थाओं की इमारतों का निर्माण कब कराया गया है और जिला पंचायत से इसका नक्शा पास कराया गया है कि नहीं? जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।

जिला पंचायत से कराना होता है नक्शा पास
जिला पंचायत के बायलॉज में प्रावधान है कि जून 2018 के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित होने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का नक्शा जिला पंचायत से पास कराना अनिवार्य है। इसी आधार पर दोनों कॉलेजों को नोटिस जारी किया गया है। यदि एक सप्ताह में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो जिला पंचायत की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।


जिला पंचायत की ओर से नोटिस चस्पा किया गया है। इसमें प्रतिष्ठान के निर्माण का वर्ष और नक्शे के संबंध में जानकारी मांगी गई है। एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
एके सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत।

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