अंडमान-निकोबार में उपराष्ट्रपति ने शुरू किया ‘हर घर तिरंगा अभियान’, बोले- भारत एक है और हमेशा एक रहेगा
श्री विजयपुरम | 9 अगस्त 2026
हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत रविवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने की। अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर उन्होंने श्री विजयपुरम के ध्वज बिंदु पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर अभियान का उद्घाटन किया। इस दौरान उपराष्ट्रपति ने देश की एकता, तिरंगे के सम्मान और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया।

अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने रविवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में ‘हर घर तिरंगा अभियान’ की शुरुआत की। उन्होंने श्री विजयपुरम के ध्वज बिंदु पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर अभियान का उद्घाटन किया।

डीबीआरएटी सभागार में आयोजित राजकीय समारोह और तिरंगा संगीत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा अभियान’ की शुरुआत के लिए अंडमान और निकोबार से बेहतर स्थान कोई और नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि ये द्वीप भारत के स्वतंत्रता संग्राम और तिरंगे के इतिहास से गहराई से जुड़े हुए हैं।
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया याद
उपराष्ट्रपति ने अंडमान की सेलुलर जेल में यातनाएं झेलने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वीर विनायक दामोदर सावरकर सहित उन सभी देशभक्तों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनका साहस और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

उन्होंने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के ‘करो या मरो’ के आह्वान ने लाखों भारतीयों को स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरित किया था।
नेताजी के तिरंगा फहराने का भी किया उल्लेख
श्री राधाकृष्णन ने अंडमान और निकोबार के तिरंगे के इतिहास में विशेष स्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को यहीं भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। उन्होंने इसे भारत के स्वतंत्रता संग्राम का ऐतिहासिक क्षण बताया।
‘भारत एक है और हमेशा एक रहेगा’
‘हर घर तिरंगा’ अभियान के महत्व पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अब देशव्यापी जन आंदोलन बन चुका है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से तिरंगा गर्व के साथ फहराने और देशभक्ति, एकता तथा सामूहिक जिम्मेदारी के मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति ने कहा, “भारत एक है और हमेशा एक रहेगा।”
ग्रेट निकोबार परियोजना से बढ़ेंगे विकास के अवसर
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को ‘विविधता में एकता’ और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का उदाहरण बताते हुए उपराष्ट्रपति ने द्वीपों में कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे में हुई प्रगति का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना भारत की समुद्री क्षमताओं, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही उन्होंने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने पर भी जोर दिया।
नागरिकों से देशहित में एकजुट रहने की अपील
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत शांति और उदारता की परंपरा वाला देश है, लेकिन राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए मजबूत रहना भी जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से तिरंगे से प्रेरणा लेकर साहस, एकता और आशा के साथ विकसित एवं मजबूत भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और ‘हर घर तिरंगा’ प्रदर्शनी का भी दौरा किया।
कार्यक्रम में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल डीके जोशी (सेवानिवृत्त), मुख्य सचिव श्रीमती चंचल यादव, श्री विजयपुरम नगर परिषद की अध्यक्ष श्रीमती एम. वसंता और जिला परिषद के अध्यक्ष श्री पी. उमर समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
स्रोत: PIB