मायावती का बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब BSP से निष्कासित नेताओं और उन्हें दूसरी पार्टियों में शामिल किए जाने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। BSP प्रमुख ने अपने बयान में सपा, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधा। अपने बयान में उन्होंने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए उनकी राजनीतिक सोच और बहुजन समाज से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए।
मायावती ने कहा कि कुछ विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता BSP से जुड़े नीले रंग का इस्तेमाल कपड़ों, गमछे और मंचों की सजावट में कर रहे हैं। उनके मुताबिक, केवल नीला रंग अपनाने से किसी राजनीतिक दल की विचारधारा या वंचित वर्गों के प्रति सोच नहीं बदल जाती।
उन्होंने कहा कि गरीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़े और अन्य उपेक्षित वर्गों के वास्तविक हित के लिए राजनीतिक दलों को अपनी सोच और नीयत में बदलाव लाना चाहिए।
मायावती के बयान में सपा पर निशाना PDA को लेकर सपा पर हमला
मायावती ने समाजवादी पार्टी के PDA अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वंचित वर्गों के मुद्दों को लेकर सपा की कथनी और करनी में अंतर रहा है।
BSP प्रमुख ने कहा कि बहुजन समाज के हितों और आंबेडकरवादी विचारधारा को लेकर उनकी पार्टी की अपनी स्पष्ट राजनीतिक भूमिका है।
निष्कासित नेताओं पर भी टिप्पणी
मायावती ने कहा कि BSP में अनुशासनहीनता सहित विभिन्न कारणों से समय-समय पर कुछ लोगों को पार्टी से बाहर किया जाता रहा है। उन्होंने दावा किया कि इनमें से कुछ लोग बाद में दूसरी राजनीतिक पार्टियों में शामिल हो गए या अलग-अलग छोटे संगठन बनाने लगे। उन्होंने ऐसे नेताओं की राजनीतिक निष्ठा पर सवाल उठाते हुए उन्हें अवसरवादी बताया और कहा कि इस तरह की राजनीति से बहुजन समाज का व्यापक हित पूरा नहीं हो सकता।
मायावती के बयान में कांग्रेस पर भी साधा निशाना
कांग्रेस द्वारा BSP से निष्कासित कुछ नेताओं को अपने साथ लेने की चर्चाओं पर भी मायावती ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में शामिल होकर किसी को अपने राजनीतिक भविष्य पर विचार करना चाहिए।उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के कांग्रेस से जुड़े पुराने राजनीतिक मतों का भी उल्लेख किया और कहा कि बहुजन समाज के लोगों के लिए इन ऐतिहासिक राजनीतिक घटनाक्रमों को समझना जरूरी है।
मायावती के बयान में अशोक सिद्धार्थ का जिक्र
अपने बयान में मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक संन्यास से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी द्वारा राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दिए जाने के बाद उन्होंने तत्काल इसकी घोषणा नहीं की थी। मायावती के अनुसार, अगले दिन सुबह करीब 6:30 बजे उनके राजनीतिक संन्यास की घोषणा हुई। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी अन्य जानकारी उचित समय पर पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने रखी जाएगी।
मायावती का यह बयान X पर देखें।
— Mayawati (@Mayawati)
September 10, 2026
स्रोत: मायावती/BSP का बयान
नोट: खबर में लगाए गए राजनीतिक आरोप संबंधित बयान के अनुसार हैं। संबंधित दलों या नेताओं का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।

