माहे श्रेणी के सातवें पनडुब्बी रोधी युद्धपोत 'मछलीपटनम' का शुभारंभ, भारतीय नौसेना की ताकत हुई और मजबूत
भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। 29 जुलाई 2026 को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा निर्मित माहे श्रेणी के सातवें उथले जल पनडुब्बी रोधी युद्धपोत (ASW SWC) 'मछलीपटनम' का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया।
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| 80% स्वदेशी तकनीक से बना 'मछलीपटनम' युद्धपोत लॉन्च, नौसेना को मिली नई शक्ति |
इस अवसर पर सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव वाइस एडमिरल अतुल आनंद की उपस्थिति में श्रीमती गुलरुख आनंद ने युद्धपोत का शुभारंभ किया। समारोह में भारतीय नौसेना, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और रक्षा क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मछलीपटनम नाम क्यों रखा गया?
इस युद्धपोत का नाम आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर मछलीपटनम के नाम पर रखा गया है। यह शहर अपनी समृद्ध समुद्री विरासत और भारत के पूर्वी तट पर व्यापारिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यह नाम भारत की समुद्री परंपरा और नौसेना की सुरक्षा प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाता है।
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| माहे श्रेणी के सातवें युद्धपोत 'मछलीपटनम' का शुभारंभ |
युद्धपोत की प्रमुख विशेषताएं
'मछलीपटनम' आधुनिक तकनीकों से लैस एक उन्नत पनडुब्बी रोधी युद्धपोत है। इसकी प्रमुख क्षमताओं में शामिल हैं:
समुद्र के भीतर निगरानी (Underwater Surveillance)
पनडुब्बी रोधी अभियान (Anti-Submarine Warfare)
निम्न तीव्रता वाले समुद्री अभियान (LIMO)
समुद्री बारूदी सुरंगों का पता लगाना और उन्हें निष्क्रिय करना
तटीय सुरक्षा और समुद्री निगरानी को मजबूत करना
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा और बल
यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस युद्धपोत में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो भारतीय रक्षा विनिर्माण और जहाज निर्माण उद्योग की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
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| भारतीय नौसेना के लिए लॉन्च किया गया माहे श्रेणी का पनडुब्बी रोधी युद्धपोत मछलीपटनम |
विशेषज्ञों का मानना है कि इस युद्धपोत के शामिल होने से भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।
क्यों है यह लॉन्च महत्वपूर्ण?
भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी क्षमता में बढ़ोतरी।
तटीय सुरक्षा और समुद्री निगरानी होगी अधिक प्रभावी।
रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण को मिलेगा बढ़ावा।
हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति होगी और मजबूत।
निष्कर्ष
'मछलीपटनम' का शुभारंभ भारतीय नौसेना और देश के रक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह युद्धपोत आधुनिक तकनीक, स्वदेशी निर्माण और मजबूत समुद्री सुरक्षा का प्रतीक है। आने वाले समय में यह भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने और देश के समुद्री हितों की रक्षा करने में अहम भूमिका निभाएगा.
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), भारत सरकार।



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