सरकार ने 18वीं लोकसभा के आठवें सत्र के लिए विधायी कार्यों की संभावित सूची जारी की
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने 18वीं लोकसभा के आठवें सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले
विधायी और वित्तीय कार्यों की संभावित सूची जारी कर दी है। इस सूची में पांच नए विधेयकों
को पेश करने और पारित कराने की योजना है, जबकि दो पहले से लंबित महत्वपूर्ण विधेयकों
पर भी चर्चा और पारित करने की तैयारी की गई है।
- सरकार ने 18वीं लोकसभा के आठवें सत्र के लिए विधायी कार्यों की संभावित सूची जारी की
- मुख्य बातें (Highlights)
- लोकसभा सत्र में पेश किए जाने वाले 5 नए विधेयक
- 1. आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026
- 2. सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026
- 3. जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026
- 4. राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026
- 5. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026
- इन दो लंबित विधेयकों पर भी होगी चर्चा
- सरकार का फोकस किन क्षेत्रों पर?
- निष्कर्ष
मुख्य बातें (Highlights)
- लोकसभा के आठवें सत्र में 5 नए विधेयक पेश किए जा सकते हैं।
- आयकर संशोधन विधेयक और सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव शामिल।
- जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण कानून में संशोधन का प्रस्ताव।
- राष्ट्रीय सम्मान के अपमान से जुड़े कानून में बदलाव की तैयारी।
- MSME क्षेत्र में भुगतान और विवाद समाधान को मजबूत करने के लिए नया संशोधन विधेयक।
- FCRA संशोधन विधेयक और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक पर भी चर्चा होगी।
लोकसभा सत्र में पेश किए जाने वाले 5 नए विधेयक
1. आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026
यह विधेयक एक अध्यादेश (Ordinance) को प्रतिस्थापित करने के लिए लाया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य भारत के ऋण बाजार (Debt Market) को मजबूत करना, विदेशी निवेश आकर्षित करना
और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच वित्तीय तरलता बढ़ाना है।
2. सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026
इस विधेयक के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है।
वर्तमान में मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर 33 न्यायाधीशों की व्यवस्था है, जिसे बढ़ाकर
37 करने का प्रस्ताव रखा गया है।
3. जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026
यह विधेयक जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में संशोधन करेगा।
इसका उद्देश्य विलंबित पंजीकरण (Delayed Registration) के नियमों को और अधिक सख्त बनाना है।
4. राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026
यह विधेयक राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में संशोधन से संबंधित है।
सरकार राष्ट्रीय प्रतीकों और सम्मान से जुड़े प्रावधानों को और प्रभावी बनाने की तैयारी कर रही है।
5. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026
MSME क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया जाएगा।
इसके तहत MSME इकाइयों को भुगतान में देरी की समस्या को दूर करने, मध्यस्थता पुरस्कारों
(Arbitral Awards) के प्रवर्तन को मजबूत करने तथा राज्यों को अधिक MSME Facilitation Councils
गठित करने की सुविधा देने का प्रस्ताव है।
इन दो लंबित विधेयकों पर भी होगी चर्चा
1. विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026
यह विधेयक 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था और वर्तमान में सदन में लंबित है।
सरकार इसे विचार और पारित कराने के लिए सदन में ला सकती है।
2. विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025
यह विधेयक 15 दिसंबर 2025 को लोकसभा में पेश किया गया था।
बाद में इसे संयुक्त संसदीय समिति (Joint Committee) को भेजा गया था।
समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद इस विधेयक पर विचार और पारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सरकार का फोकस किन क्षेत्रों पर?
संभावित विधायी एजेंडे से स्पष्ट है कि सरकार न्यायिक व्यवस्था, कर सुधार,
जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रणाली, राष्ट्रीय सम्मान की सुरक्षा और MSME क्षेत्र को
मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
इसके अलावा विदेशी अंशदान नियमन और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े बड़े विधेयकों को भी
आगे बढ़ाया जाएगा।
निष्कर्ष
18वीं लोकसभा के आठवें सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है।
विशेष रूप से MSME, आयकर, न्यायपालिका और नागरिक पंजीकरण से जुड़े प्रस्ताव आम जनता,
व्यापार जगत और प्रशासनिक व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डाल सकते हैं।
