PM Modi ने साझा किया संस्कृत सुभाषितPM Modi ने साझा किया संस्कृत सुभाषित

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 12 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा किया। इस सुभाषित के माध्यम से प्रधानमंत्री ने दृष्टि, विचारों, वचनों और कर्मों के जरिए लोगों का विश्वास और सम्मान जीतने की शक्ति को रेखांकित किया।

PM Modi ने युवाओं को बताया देश की बड़ी शक्ति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि हमारे युवा साथी देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति भी हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं ने अपनी संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य के जरिए दुनियाभर में अपनी अलग पहचान बनाई है।

PM Modi ने साझा किया संस्कृत सुभाषित, कहा- युवाओं की संवेदनशीलता और सेवाभाव देश की बड़ी शक्ति

प्रधानमंत्री ने इसी संदर्भ में एक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जो व्यक्ति के दृष्टिकोण, विचार, वाणी और कर्म के प्रभाव को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने साझा किया संस्कृत सुभाषित

चक्षुषा मनसा वाचा कर्मणा च चतुर्विधम्।
प्रसादयति यो लोकं तं लोकोऽनुप्रसीदति।।

क्या है इस सुभाषित का अर्थ?

इस संस्कृत सुभाषित का भावार्थ है कि जो व्यक्ति अपने दृष्टिकोण, विचारों, वचनों और कर्मों से लोगों के मन को जीतता है, उसे बदले में लोगों का विश्वास, सम्मान और सद्भावना प्राप्त होती है।

प्रधानमंत्री का यह संदेश इस बात पर जोर देता है कि किसी व्यक्ति का व्यवहार और उसके कार्य समाज में उसके प्रति विश्वास और सम्मान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

युवाओं के लिए क्या है संदेश?

प्रधानमंत्री के संदेश में युवाओं को देश की वर्तमान शक्ति के रूप में रेखांकित किया गया है। संवेदनशीलता, सेवाभाव और अपनी क्षमता का सकारात्मक उपयोग करके युवा समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

सुभाषित के माध्यम से यह संदेश भी सामने आता है कि अच्छे विचारों के साथ-साथ अच्छे व्यवहार और कर्मों का भी समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

एक नजर में

  • संदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • तारीख: 12 अगस्त 2026
  • विषय: संस्कृत सुभाषित और युवाओं की भूमिका
  • मुख्य संदेश: दृष्टि, विचार, वचन और कर्म से जन-मन जीतना
  • युवाओं के लिए संदेश: संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य का सकारात्मक उपयोग

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साझा किया गया यह संस्कृत सुभाषित व्यक्ति के विचारों, व्यवहार और कर्मों की शक्ति को सामने रखता है। संदेश में युवाओं की क्षमता और सेवाभाव को देश की बड़ी ताकत बताते हुए सकारात्मक सोच और अच्छे कर्मों के महत्व पर जोर दिया गया है।

स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) / PIB Delhi की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, 12 अगस्त 2026।