- टेक्सटाइल अनुसंधान एवं विकास में बेहतर समन्वय पर जोर
- उद्योग की जरूरतों के अनुरूप रिसर्च को बढ़ावा
- टेक्नोलॉजी, पेटेंट और प्रोटोटाइप पर फोकस
- स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने की योजना
- टेक्निकल टेक्सटाइल्स के नए क्षेत्रों पर चर्चा
- मजबूत KPI आधारित प्रदर्शन मूल्यांकन की जरूरत
टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन की बैठक में क्या हुआ?
वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन के वरिष्ठ प्रतिनिधि और भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR), IIT सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक पूरे दिन चले गहन विचार-विमर्श सत्र के रूप में आयोजित की गई। इसमें अनुसंधान प्राथमिकताओं, प्रौद्योगिकी विकास, नवाचार, उद्योग से जुड़ाव, अनुसंधान एवं विकास के परिणामों के कमर्शियलाइज़ेशन तथा टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन को संस्थागत रूप से मजबूत करने पर चर्चा हुई।
अनुसंधान को उद्योग की जरूरतों से जोड़ने पर जोर
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन द्वारा किया जाने वाला अनुसंधान अधिक से अधिक इंडस्ट्री-ड्रिवन, परिणाम देने वाला और मापने योग्य होना चाहिए।
सरकार का जोर अनुसंधान के परिणामों को तकनीक, पेटेंट, प्रोटोटाइप, कमर्शियलाइज़ेशन के अवसरों और इंपोर्ट सब्स्टिट्यूशन में बदलने पर है। साथ ही टेक्सटाइल उद्योग, विशेषकर MSME क्षेत्र के सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान देने की बात कही गई।
उद्योग की भागीदारी शुरुआती चरण से होगी
बैठक में कहा गया कि अनुसंधान एवं विकास के परिणामों की प्रासंगिकता और उन्हें उद्योग द्वारा अपनाए जाने को सुनिश्चित करने के लिए रिसर्च के शुरुआती चरण यानी कॉन्सेप्ट तैयार करने के समय से ही उद्योग की भागीदारी शुरू होनी चाहिए।
इससे अनुसंधान को वास्तविक औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने और विकसित तकनीक को बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
i-TRAMS पोर्टल को मजबूत करने पर चर्चा
समन्वय समिति की पहली बैठक के बाद विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इनमें i-TRAMS पोर्टल के माध्यम से इक्विपमेंट इन्वेंट्री और डिजिटल जानकारी को मजबूत करना, उप-समितियों का गठन, उत्कृष्टता केंद्रों और न्यू एज फाइबर्स की पहचान तथा टेक्निकल टेक्सटाइल्स के नए क्षेत्रों पर काम शामिल है।
स्टार्टअप और इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने, कॉमन ई-लाइब्रेरी प्लेटफॉर्म विकसित करने और बाहरी फंडिंग जुटाने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल्स मिशन के तहत परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया।
टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन की सदस्यता बढ़ाने, कौशल विकास, बेहतर गवर्नेंस और प्रदर्शन मूल्यांकन से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
2026-27 के लिए रणनीतिक योजना
उम्मीद जताई गई कि टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन के लिए 2026-27 की पंचवर्षीय योजना और वार्षिक कार्य योजना एक स्पष्ट रणनीतिक रूपरेखा उपलब्ध कराएगी। इसमें अनुसंधान एवं विकास, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, टेस्टिंग एवं स्टैंडर्डाइजेशन, क्षमता विकास, नवाचार और संस्थागत सहयोग को शामिल किया जाएगा।
इसके साथ ही गतिविधियों की निगरानी, जानकारी साझा करने, अनुसंधान क्षमताओं की मैपिंग और उद्योग की जरूरतों तथा टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन की विशेषज्ञता के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए i-TRAMS के प्रभावी इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।
KPI आधारित प्रदर्शन मूल्यांकन पर जोर
बैठक में मजबूत KPI आधारित परफॉर्मेंस इवैल्यूएशन फ्रेमवर्क तैयार करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। इसके लिए भरोसेमंद डेटा और समय-समय पर समीक्षा की व्यवस्था जरूरी बताई गई।
इससे जवाबदेही बढ़ाने, संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने और निर्धारित समय में मापने योग्य परिणाम हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भारत के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन से जुड़े अनुसंधान को उद्योग की जरूरतों से जोड़ने और नई तकनीकों के विकास को बढ़ावा देने से भारत के टेक्सटाइल सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत हो सकती है। इससे नवाचार, उत्पादन क्षमता, टिकाऊपन और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
बैठक का समापन एक मजबूत, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और इनोवेशन-ड्रिवन टेक्सटाइल रिसर्च इकोसिस्टम विकसित करने के साझा संकल्प के साथ हुआ। सरकार ने टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन, उद्योग, स्टार्टअप, शिक्षाविदों और अनुसंधान संस्थानों के बीच बेहतर सहयोग को भारत के टेक्सटाइल सेक्टर की वृद्धि और तकनीकी प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), वस्त्र मंत्रालय
प्रविष्टि तिथि: 29 अगस्त 2026, शाम 7:45 बजे