नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कई लोकप्रिय पेय ब्रांडों को ‘Energy Drink’ के नाम से उत्पाद बेचने और भ्रामक दावे करने पर नोटिस जारी किया है। FSSAI के अनुसार, भारत में वर्तमान में “Energy Drink” नामक किसी खाद्य उत्पाद श्रेणी के लिए कोई अलग मानक अधिसूचित नहीं किया गया है।
FSSAI ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि कुछ कंपनियां अपने उत्पादों की ब्रांडिंग, लेबलिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ‘Energy Drink’ शब्द का उपयोग कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
FSSAI has issued notices to several beverage brands claiming to be ‘energy drinks’ for misbranding and misleading claims.
— FSSAI (@fssaiindia)
July 3, 2026
FSSAI ने क्या कहा?
FSSAI के मुताबिक, Food Safety and Standards (Food Products Standards and Food Additives) Regulations, 2011 के तहत “Energy Drink” के लिए कोई अलग मानक निर्धारित नहीं है। ऐसे में किसी उत्पाद को इस नाम से प्रचारित करना या विशेष स्वास्थ्य लाभ का दावा करना नियमों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
नियामक संस्था ने यह भी स्पष्ट किया कि Food Category System का उपयोग केवल नियामकीय वर्गीकरण के लिए होता है, न कि उत्पादों के नामकरण या लेबलिंग के लिए।
किन दावों पर जताई आपत्ति?
FSSAI ने उन दावों पर आपत्ति जताई है जिनमें उत्पादों को “ऊर्जा बढ़ाने वाला”, “फोकस बढ़ाने वाला”, “शरीर और दिमाग को सक्रिय करने वाला” या “कमजोरी दूर करने वाला” बताया गया है। संस्था का कहना है कि ऐसे कार्यात्मक या चिकित्सीय दावे खाद्य उत्पादों पर अनुमत नहीं हैं।
किन ब्रांडों को मिला नोटिस?
FSSAI द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, Red Bull Energy Drink, Sting Energy Drink, Hell Energy Drink और Adrenaline Rush Energy Drink जैसे उत्पादों को नोटिस जारी किया गया है। इन उत्पादों की मार्केटिंग और लेबलिंग में “Energy Drink” शब्द के उपयोग को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि FSSAI की यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापनों और अप्रमाणित स्वास्थ्य दावों से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे खाद्य एवं पेय कंपनियों को अपने उत्पादों की ब्रांडिंग और प्रचार सामग्री में अधिक पारदर्शिता बरतनी होगी।
निष्कर्ष
FSSAI का यह कदम खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में कंपनियों को अपने उत्पादों की लेबलिंग और प्रचार संबंधी दावों को नियमों के अनुरूप बनाना पड़ सकता है, अन्यथा नियामकीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
Source: FSSAI Official X Handle