वंदे मातरम ने मातृभूमि के प्रेम को राष्ट्रीय कर्तव्य में बदला
रैली के अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम ने मातृभूमि के प्रति प्रेम को राष्ट्रीय कर्तव्य में बदल दिया। उन्होंने कहा कि यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम की भावना की एक सशक्त अभिव्यक्ति बना।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के अमर शब्दों ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अनगिनत सेनानियों को साहस, बलिदान और आशा से प्रेरित किया।
अंडमान यात्रा और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया याद
उपराष्ट्रपति ने अपनी हालिया अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप और ऐतिहासिक सेलुलर जेल की यात्रा को भावपूर्ण अनुभव बताया।
उन्होंने 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा तिरंगा फहराने और सेलुलर जेल में बंद स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि कई स्वतंत्रता सेनानियों ने वंदे मातरम के नारे के साथ अपने प्राणों का बलिदान दिया।
तमिलनाडु के स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को किया याद
उपराष्ट्रपति ने स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम के राष्ट्रव्यापी प्रभाव का उल्लेख करते हुए तमिलनाडु के कई स्वतंत्रता सेनानियों और नेताओं के योगदान को भी याद किया। इनमें राष्ट्रीय कवि सुब्रमण्यम भारती, वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई, सुब्रमण्यम शिव, तिरुप्पुर कुमारन और वंचिनाथन शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन स्वतंत्रता सेनानियों और नेताओं ने वंदे मातरम की भावना और संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान बना जन आंदोलन
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 में शुरू किया गया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान अब जन आंदोलन में बदल चुका है। उन्होंने कहा कि देशभर में नागरिक तिरंगा यात्राओं, बाइक और साइकिल रैलियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी मातृभूमि की भावना को मूर्त रूप देता है। उपराष्ट्रपति ने सांसदों और जन प्रतिनिधियों से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में अभियान को बढ़ावा देने और लोगों को गर्व के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री और सांसद भी हुए शामिल
‘हर घर तिरंगा’ बाइक रैली में कई केंद्रीय मंत्री, सांसद और अन्य जन प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजीव रंजन सिंह, वीरेंद्र कुमार, जी. किशन रेड्डी, किरेन रिजिजू और जितेंद्र सिंह शामिल रहे।
कहां से कहां तक निकली बाइक रैली?
- रैली का आयोजन: ‘हर घर तिरंगा’ बाइक रैली
- अवसर: वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में
- रवाना करने वाले: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन
- शुरुआत: भारत मंडपम, नई दिल्ली
- गंतव्य: मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम
- भागीदारी: सांसद और अन्य जन प्रतिनिधि
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वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में कार्यक्रम
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के अनुसार, इस वर्षभर चलने वाले आयोजन का उद्देश्य स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम की भूमिका और इसके राष्ट्रीय गौरव एवं एकता से जुड़े महत्व को सामने लाना है।
आधिकारिक जानकारी के लिए PIB द्वारा जारी आधिकारिक वेबसाइट देखें।
निष्कर्ष
नई दिल्ली में आयोजित ‘हर घर तिरंगा’ बाइक रैली ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और नागरिक भागीदारी का संदेश दिया। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने लोगों से तिरंगे के प्रति सम्मान और गर्व की भावना के साथ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
डिस्क्लेमर: यह समाचार PIB द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
