आजमगढ़: साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जो साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि अपने बैंक खाते में मंगाकर उसे निकालने में मदद करता था। आरोपी के खाते पर देश के विभिन्न राज्यों से साइबर शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
ATM, पासबुक और बैंक डिटेल उपलब्ध कराकर करता था मदद
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार अभियुक्त अमित मौर्या अपने बैंक खाते का ATM कार्ड, पासबुक और अन्य बैंकिंग विवरण अपने साथियों को उपलब्ध कराता था। साइबर ठगी की रकम इन्हीं खातों में ट्रांसफर की जाती थी और बाद में निकासी कर ली जाती थी। इसके बदले आरोपी को कमीशन मिलता था।
प्रतिबिम्ब पोर्टल की जांच में हुआ खुलासा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने प्रतिबिम्ब पोर्टल से प्राप्त शिकायत की जांच की। जांच के दौरान आरोपी की भूमिका सामने आने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने क्या बरामद किया?
- 01 एंड्रॉयड मोबाइल फोन
- ₹2060 नगद
विभिन्न राज्यों से दर्ज थीं NCRP शिकायतें
पुलिस के अनुसार आरोपी के बैंक खाते पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर कई शिकायतें दर्ज मिली हैं। इससे संकेत मिलता है कि खाते का इस्तेमाल कई साइबर ठगी मामलों में किया गया हो सकता है।
आईटी एक्ट और BNS की धाराओं में मुकदमा दर्ज
थाना साइबर क्राइम में आरोपी के खिलाफ धारा 318(4), 319(2), 317(2) BNS तथा 66C और 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
आजमगढ़ पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, पासबुक, OTP, PIN या अन्य बैंकिंग जानकारी न दें। ऐसा करना आपको भी साइबर अपराध का सहभागी बना सकता है। किसी भी साइबर ठगी की सूचना तत्काल 1930 हेल्पलाइन या निकटतम साइबर थाना को दें।